मुहब्बत के सफ़र में इश्क़ है इबादत की तरह ज़िन्दगी भी है आशिक के अमानत की तरह

एक आग ज़िन्दगी में भी लगी हुई इस तरह तुम  भी ज़िन्दगी जियो  सियासत की तरह

कारवाँ ज़िन्दगी में भी बढ़ता रहा इस तरह ज़िन्दगी को अपने ज़िया  हुकूमत की तरह

उनकी मुहब्बत मेरी किस्मत में रंजो गम रहा ज़िन्दगी में इश्क है ख़ुदा की बरकत की तरह

कदम कदम में साथ तेरा,हाथो में हाथ रहा ज़िन्दगी को  हमने ज़िया  गफलत की तरह

नूर बनाकर आँखों में ही बसाया था उनको दिल में  जगह  पाये  वो  अमानत की तरह

एक मोहलत हमे भी चाहिए अब ज़िन्दगी में वो बदल रहे ज़िन्दगी में अब आदत की तरह

ज़र्द पत्तो में थी पेड़ से बिछड़ने की कशिश आकिब"ज़िन्दगी भी होती है नसीहत की तरह

गिरह

बाद मरने के मिलोगे तुम ज़न्नत-ए ख़िज़ा में याद हो तुम तो हमेशा पाक़ आयत की तरह