तुम देश को बदनाम मत करना कभी तुम भेदभाव मत करना विभिन्न जात-पात,धर्म के हम इंसानियत शर्मसार मत करना यूँ सब त्यौहार मिल बाट मनाते अपनी सोच हलाक मत करना देश से अपने हरदम प्यार करते मज़लूम को परेशान मत करना सियासत की रोटियां सेंकने को तुम अब दंगे फसाद मत करना तिरंगे को सलामी देते सब लोग यूँ हिन्दू मुस्लिम अब मत करना लोगो की नफ़रत देख सिहर उठू आकिब"तुम नफ़रत मत करना