है कुछ धुंवा सा जो नजर आता नही कुछ कहना हैं शायद कोई कुछ सुनता क्यू नही मन में है कई ख्वाइशे उन ख्वाईशो को कोई क्यू सुनता क्यू नही माना की कमजोर हु मैं लेकिन इतना भी नही चाहता हु मैं जमाने की चाहत लेकिन आखिर मुझे कोई क्यू चाहता नही मत बोलो मुझे की पागल हु मैं सब की भावनाओं को क्या मैं समझता नही अरे दुनिया वालो मुझे समझो मैं पागल नही।। -akib javed #word mental health day