कोई ज़िन्दगी में आ जाए सिखाने मुझे
हुई क्या ख़ता जो लगे भुलाने मुझे
हालात मेरे यूँ अब मेरे क़ाबू में नही
लगे लोग ऐसे क्यू अब डराने मुझे
वो सूंदर साँवला मीत मतवाला अब
क्यू लगा सूंदर सपने दिखाने मुझे
वो ऐसे सरमाया रहा उम्र भर
अब ख़्वाबो में लगा सताने मुझे
मेरी चाहते मेरी ख्वाइशें खिल रही
मिल गये हैं ख़ुशी के ख़ज़ाने मुझे
धरा में इंद्रधनुष सा अब रंग बिखेरे
अब चमन लगा यूँ लुभाने मुझे
मुस्कुराता है वो लम्हा मुझे देखकर
अपने ही आते कब्र में सुलाने मुझे
गिरह
बेख़ुदी में सनम के ख़ुदा बना दिया
मिल गये हैं ख़ुशी के ख़ज़ाने मुझे