
हालात को अपने गुजारे चला चल
नाख़ुदा को अपने पुकारे चला चल
राब्ता भी रख तू अपनो के दरमियाँ
सुकूँ भी दिलो के उभारे चला चल
ज़ुस्तुज़ु ज़िन्दगी में मिलने की रख
अपनी किस्मत को सँवारे चला चल
ख्वाइशें भी तमाम रख ज़िन्दगी में
गलत
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