- आवे जावे मन बहलावे। जो जो पूछो बात बतावे। दूरन से वो लागे अपना। ऐ सखि साजन?ना सखि सपना।
छैल छबीला वो हो जावे। मदमस्त चाल से वो रिझावे। साथ कभी उसने नहिं छोड़ा। ऐ सखि साजन?ना सखि घोडा।
बिन उसके कुछ भी न होवे। दिन रात की निदियां खोवे। नहि कोई भी उसका सानी ऐ सखि साजन? न सखि पानी।
मुझको उसकी याद सताती। सबसे अपनी बात छुपाती। घर आता तब खुशियाँ लाता। ऐ सखि साजन?न सखि छाता।
पल पल अपनी याद दिलाता। हर मौसम हि मुझको रिझाता। वो मेरा आँखों का प्यारा ऐ सखि साजन? न सखि तारा ।
