रण भेदी पर हुंकार भरो
अपने कर्तव्य के पथ पर अड़ो
मत सोचो कि क्या होगा
अपने पथ पर आगे बढ़ो
हुंकार भरो पथ पर बढ़ने की
धर्म से ऊपर उठने की
हो जाओगे इतिहास में अमर तुम
गर रण में डट जाओगे तुम
पीछे मुड़ने वालो को कोई याद नही करता
इतिहास की वेदी पर मिलने की फ़रियाद नही करता।।
-आकिब जावेद