छण छण गतिमान जिंदगी का पहिया उस पहिये को यादो के रूप में समेट के रखती है चाहे अच्छा लम्हा हो या कि हो कोई बुरी याद कभी किसी में भेद नही कभी हमको निराशा में दे जाती एक नई उम्मीद उस उम्मीद में कि अब अच्छा होगा कुछ.... जन्म लेते ही बच्चे को उसके हर एक सालगिरह पे कंही घूमने जाना हो.... या फिर कोई हो उत्सव हो घर पे सब तस्वीरो को रखते हम सजा के हा उसी एल्बम में... जिसमे होती है.. हमारी खट्टी मीठी यादें और उन यादो को कभी भी याद कर सकते है हम...... देख कर अपने एल्बम में... सुख दुख की साथी.. एकाकीपन को दूर करे हमेशा साथ रखे…... घर के एक अलमारी में हा एक एल्बम।। रचनाकार ®आकिब जावेद