गुमाँ भाईचारा का सबको यहाँ था यूं पहले सरीखे नज़ारा न देखा रिहा जबसे आँखों से हमने किया तो गया छोड़कर अब दुबारा न देखा
गुमाँ भाईचारा का सबको यहाँ था यूं पहले सरीखे नज़ारा न देखा
रिहा जबसे आँखों से हमने किया तो गया छोड़कर अब दुबारा न देखा