जिंदगी में बस वक्त दो ही गुज़रे हैं कठिन एक तेरे आने से पहले,एक तेरे जाने के बाद ख्वाइश नही थी कुछ भी खो जाने के बाद क्यू फिर लौट के वापस आये जाने के बाद सर्द रातो को जाग कर ही गुज़ार दी हमने तपन की जरूरत होती हैं ठण्ड बढ़ जाने के बाद तमन्ना थी यूं हवाओ से टकराने की चरागों को जलाया था अब तुफानो के बाद चेहरे की मुश्कुराहट जरूरी हैं सुखन के लियें गिले शिकवे मिटा लो दिल की कड़वाहट के बाद ना कोई चुभन थी ना ही कशिश दिल में ना कुछ याद आये अब भूल जाने के बाद रफ्ता रफ्ता गुज़र रही हैं ये जिंदगी फिर मिले जिंदगी गुजर जाने के बाद मयस्सर नही तुमसे यूँ मिलकर बिछड़ जाना अक्सर दर्द देती हैं जुदाई प्यार हो जाने के बाद!! -आकिब जावेद