फ़िज़ा में चमकता सितारा न देखा ऐसे दर्द उसने हमारा न देखा ऐसे काट डाले है हमने शज़र को कोई भी बशर में किनारा न देखा तेरा तो बुराई से होगा भला अब भलाई में हमने गुज़ारा न देखा गुमाँ भाईचारा का सबको यहाँ था यूं पहले सरीखा नज़ारा न देखा रिहा जबसे आँखों से हमने किया तो गया छोड़कर अब दुबारा न देखा