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मो. रफ़ी जयन्ती


दुनिया की इस भीड़ से,"रफ़ी" तू सबसे जुदा रहादूसरा "रफ़ी" न आया कोई,ख़ुश तुझसे ख़ुदा रहा।।

— आकिब जावेद
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