अमाल उससे कभी छिपता नही है
ख़ुदा है वो कभी दिखता नही है
कहूँ कैसे बुतकदो ने क्या देखा
उसे जलवा-नुमा दिखता नही है।
ज़मी रोशन सितारों को सजाया
ख़ुदा है बरमला छिपता नही है।
हवा वो है वही पानी डगर भी
ख़ुदा है वो तुझे पता नही है।


