झूठस्वयं इक कविता है,सही को गलतसाबित करने मेंगढ़ी जाती हैमनगढ़ंत बाते,जिसका नही हैअस्तित्वनकार जाता हैस्वयं वो व्यक्तिजिसने गढ़ी हैमंगढ़त कहानियां।