यूं तो मुझे रंग डाला मेरे यार नेकी है मुहब्बत भी बयां दिलदार नेरूख़ी उसे रोटी खिला सकता नहींउफ़्फ़ उड़ाया होश इस बाज़ार ने।
यूं तो मुझे रंग डाला मेरे यार नेकी है मुहब्बत भी बयां दिलदार ने
रूख़ी उसे रोटी खिला सकता नहींउफ़्फ़ उड़ाया होश इस बाज़ार ने।