होली आई खुशियां लाई
रंगों की खूब ख़ुमारी छाई
भैया - भाभी,दीदी -जीजा
रंग - बिरंगे से ताऊ - ताई।
इत्र - गुलाल सभी लगाऐं
मनभावन वो फ़ाग गाएं
मिलके करे हँसी ठिठोली
खुशियां लेके आई होली।
बैर भाव को दूर मिटाए
सबको आपस में मिलाए
रंग - बिरंगी पिचकारी बोली
आई मनभावन ये होली।
टेसू वन उपवन में सुहाये
फाल्गुन मास में होली आए
ज़बरदस्ती गुलाल लगाई
प्रीत के रंगों में रंग जाई
होली आई होली आई।
आकिब जावेद
