कृषक यहाँ,जीवन का आधारओ ! सरकारअन्न उगाता,मेहनत ईनामहै परेशान !दे दो ईनाम,है सोयी सरकारकैसे मिलेगा दाम।टेंसन में है,जीवन यापन होकृषक बन।माटी मोल ही,अन्न की ये कीमतसमझों कुछ।