#ग़ज़ल #غزل

ग़ज़ल में ग़मों के तराने लिखे।

कई  दर्द अपने पुराने लिखे।।

मुझे प्यार में तूने धोखा दिया।

हरिक ज़ख़्म तेरे पुराने लिखे।।

जहां  ज़िन्दगी ने अंधेरा भरा।

क़लम ने वहां दिन सुहाने लिखे।।

जहां पर समय ने ली अंगड़ाइयाँ।

वहां पर  बदलते ज़माने लिखे।।

हक़ीक़त में हो ख़्वाब पूरे ये सब।

ऐसे ख़्वाब हमने सयाने लिखे।।

-आकिब जावेद