कुछ बातों को बिना सुने ही जान लिया जाता हैयूँ मुस्कुराहकर निगाहों से पैगाम दिया जाता हैंपर्दे में कहा छुपती हैं जनाब, आँखों की चमककुछ चेहरों को नक़ाब में भी पहचान लिया जाता हैं
कुछ बातों को बिना सुने ही जान लिया जाता हैयूँ मुस्कुराहकर निगाहों से पैगाम दिया जाता हैं
पर्दे में कहा छुपती हैं जनाब, आँखों की चमककुछ चेहरों को नक़ाब में भी पहचान लिया जाता हैं