खड़ा था मुसाफिररोशनी की तलाश मेंहालात कुछ यूं बदलते गएकुछ उल्टे सीधे ख्वाब पलते गएएक दिन यूं लगी ठोकरजब हालात और जज़्बात बदलते गए
खड़ा था मुसाफिररोशनी की तलाश में
हालात कुछ यूं बदलते गएकुछ उल्टे सीधे ख्वाब पलते गए
एक दिन यूं लगी ठोकरजब हालात और जज़्बात बदलते गए