*चांद कितना अच्छा लगता है ,
*रात के अंधेरे को अपनी रोशनी से भर देता है ,
* किसी का चांद किसी की चांदनी बनता है ,
* ये प्यार के पैग़ाम की निशानी बनता है
* किसी का चेहरा किसी का आइना बनता है
* मोहब्बत का दूसरा याराना बनता है
* , सबको अपनी रोशनी से ढक लेता है ,
* सबको प्यारी नींद देता है ,
* कभी चंदा मामा बनकर लोरी में आता है
* कभी करवा चौथ का चांद बनकर औरतों के सुहाग का मान बढ़ता हैं
* चांद कितना अच्छा लगता है
* रात के अंधेरे को अपनी रोशनी से भर देता है*चांद कितना अच्छा लगता है ,
*रात के अंधेरे को अपनी रोशनी से भर देता है ,
* किसी का चांद किसी की चांदनी बनता है ,
* ये प्यार के पैग़ाम की निशानी बनता है
* किसी का चेहरा किसी का आइना बनता है
* मोहब्बत का दूसरा याराना बनता है
* , सबको अपनी रोशनी से ढक लेता है ,
* सबको प्यारी नींद देता है ,
* कभी चंदा मामा बनकर लोरी में आता है
* कभी करवा चौथ का चांद बनकर औरतों के सुहाग का मान बढ़ता हैं
* चांद कितना अच्छा लगता है
* रात के अंधेरे को अपनी रोशनी से भर देता है
