करो नफ़रतें तुम हज़ार
है अधिकार तुम्हारा
शेष केवल है बस प्यार हमारा
तुम नफ़रतें करते जाना
थकने तक
उस पल तक जब तक
तुम भर जाओ नफरतों से
और फट जाए, बाढ़ बनकर बह जाए
सारी नफ़रतें
और निकले साफ़ भूमि
जिसमे फिर से प्रेम पनप सके
फिलाल तुम पालो नफ़रतें .
करो नफ़रतें तुम हज़ार
है अधिकार तुम्हारा
शेष केवल है बस प्यार हमारा
तुम नफ़रतें करते जाना
थकने तक
उस पल तक जब तक
तुम भर जाओ नफरतों से
और फट जाए, बाढ़ बनकर बह जाए
सारी नफ़रतें
और निकले साफ़ भूमि
जिसमे फिर से प्रेम पनप सके
फिलाल तुम पालो नफ़रतें .