कोई भी अब चाह ले मुझको,दिल उसका टूट जाता है
ये वही शख्स है, जिसका हर वादा टूट जाता हैं।
नज़रे उसकी मिले मुझसे या नहीं,ठीक हैं
मैं नज़र भी उठा लूँ ज़माने में,वो रूठ जाता हैं
बहुत हैं नाज़ों नखरे इश्क़ में उसके,तो भला मैं भी क्यू चाहूँ उसको
की मैं अगर रूठ भी जाऊ उससे तो वो जीना भूल जाता हैं।
उसके गीले बालों से सवरने की हद तक
वो मेरी आँखे देख ले,तो आइना भूल जाता हैं।
#आकाशा
