फिर एक पाश छूट गया

शरीर से स्वाश छूट गया

हर जन्म से उपजे ये रिश्ते

हर मौत के साथ छूट गया।


ये करिश्मा उस कुदरत का हैं

हर कन्द-मूल डाल से छूट गया

पढ़ते-लिखते इस दुनिया में

संस्कार, ज्ञान से छूट गया।

#आकाशा continued...