बिछड़ के मुझसे उसने,जाने क्या इरादा कर लिया
मेरा होकर किसी और से वादा कर लिया।
ये दस्तूर क्या हैं इस दुनिया का,भगवन जाने
बुजुर्ग खड़े थे और बच्चों ने बटवारा कर लिया।
मेरे दिल की ज़मीन जिसमे खुशियों के फूल उगते थे,
आज बंजर हो गई
लगता हैं हलों ने लाल किले का इरादा कर लिया।
अब कौन सुनाएगा इन नई नस्लो को विरासत की कहानी
इन्होंने तो खुद को शहजादा कर लिय
सुना हैं आज फिर किसी ने उसकी बाहों में दम तोड़ दिया
ज़माने को क्या लगता हैं,उन्होंने खुद को #आकाशा कर लिया।।
#आकाशा।


