सुनो जो तुम अब चले गए हो ना, तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।
मैंने दूंड ली है तुम्हारी गैर मौजूदगी में भी तुम्हारी मौजूदगी,
अब तुम वापस मजूद हो कर उसे मत झुंठलाना,
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।
मैंने मन को समझ दिया है कैसे तकिए में तुम्हारे कंदे का एहसास महसूस करना है, तुम अब कंधा दे कर उसे वो मत भूलना,
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।
आंखों को आदत डाल दी है तुम्हे सपने में देखने कि,
देखो अब एक झलक दिखला कर वो आदत मत खराब करना,
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।
मैंने ज़बान को बरिस्ता कि ब्राउनी का स्वाद लगा दिया,
तुम अब वापस आकर अपना हिस्सा मत मांगना।
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।
मै आइने में अपना अक्स देख कर तुम्हारी वशीकृत नज़रों का एहसास कर लेती हूं, थोड़ा खुद पर इतरा लेती हूं।
तुम अब शीत लहर सी अपनी बेरुखी से मुझे मत देखना,
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।।
मैंने मन ही मन तुमसे संवाद करने की कला खुद को बखूबी सीखा दी है,
तुम अब निशब्द, निरुत्तर हो कर चुप - चाप मेरे संवादों को मौन मत करना।
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।।
मैंने अनजान लोगों के तुम्हे खोजना शुरू कर दिया है,
तुम अब आकर मेरी खोज को अर्थहीन मत करना।
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।।
तुम्हारी यादों को अपने दिल के रेगिस्तान का शाद्वल बना लिया है,
अब वापस आकर इस छलावा मत बनाना।
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।।
मैंने मान लिए है कि कुछ मजबूरियां रही होंगी तुम्हारी,
अब वापस आ कर अपनी कमजोरियां जाहिर न करना
जो अब चले गए हो तो मेरा भ्रम तोड़ने वापस मत आना।
मैंने खुद को एक बुलबुले में कैद कर लिए है, जहां तुम हो और मै हूं,
ये बुलबुला फोड़ मत देना,
मुझे सच से रूबरू मत करना,
इन दूरियों का एहसास मत कराना।
देखो अब वापस चले जाने के लिए मत आना।
#भ्रम


