दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-29's image
Kavishala DailyPoetry2 min read

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-29

ajayamitabh7ajayamitabh7 December 5, 2021
Share0 Bookmarks 229628 Reads0 Likes

महाकाल क्रुद्ध होने पर कामदेव को भस्म करने में एक क्षण भी नहीं लगाते तो वहीं पर तुष्ट होने पर भस्मासुर को ऐसा वर प्रदान कर देते हैं जिस कारण उनको अपनी जान बचाने के लिए भागना भी पड़ा। ऐसे महादेव के समक्ष अश्वत्थामा सोच विचार में तल्लीन था।


कभी बद्ध प्रारब्द्ध काम ने जो शिव पे आघात किया,

भस्म हुआ क्षण में जलकर क्रोध क्षोभ हीं प्राप्त किया।

अन्य गुण भी ज्ञात हुए शिव हैं भोले अभिज्ञान हुआ,

आशुतोष भी क्यों कहलाते हैं इसका प्रतिज्ञान हुआ।


भान हुआ था शिव शंकर हैं आदि ज्ञान के विज्ञाता,

वेदादि गुढ़ गहन ध्यान और अगम शास्त्र के व्याख्याता।

एक मुख से बहती जिनके  वेदों की अविकल धारा,

नाथों के है नाथ तंत्र और मंत्र आदि अधिपति सारा।


सुर दानव में भेद&

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts