नेटवर्क, प्रगति और उन्नति आई

तुम कहाँ गई गौरैया रानी।


दूरिया पटी दौड़ा वीडियो

तुम कहाँ गई गौरैया रानी।


फुदक-फुदक कर मेरे आंगन

अब दाना खाने नहीं आती हो।


चीं-चीं की वह मधुर तान

अब हमको नहीं सुनाती हो।


प्रगति पथ पर आगे बढ़े हम

तुम कहाँ गई गौरैया रानी।


सूना पड़ा मेरे घर-आंगन

तुम कहाँ गई गौरैया रानी।