भोली सी सूरत। प्यारी सी मुस्कान। तुम ही तो हो हमारा अभिमान। कमजोर जान जो तुम पर धाक जमाते हैं।

असल में वो अपनी कमजोरी छुपाते हैं।

ना करो परेशान तुम नारी को। नारी तो है अभिमान तुम्हारा। मां की सीरत, बहन की मूरत फिर कैसे तेज़ाब डाला। मनचले राह पर रोकते हैं। मासूम बच्चियों की आत्मा झिंझोड़ते हैं। शर्म करो ऐ कमजोरों। मां है तुम्हारी, बेटी है तुम्हारी। नारी है नारी, नारी को क्यों सताते हो। जो नारी आपा खो देगी। पलभर में प्रलय आएगा। वजूद तेरा मिटाएगा। वो नारी का गुस्सा है जो तुझे नरक लोक पहुचायेगा। धीरज की देवी है नारी। श्रद्धा और सबुरी है नारी। घर तेरा चलती है। ये भोले को मार्ग दिखती है। सहती है सबकुछ ये ओर तेरी सुनती जाती है। हर रूप में तीखी है नारी। जो नारी से खिलवाड़ करोगे। हर पग पर ठोकर खाओगे। नारी है नारी, देवी है नारी। नारी का तुम सम्मान करो। हर पथ पर साथ तेरा देगी। ये तुझको हारने न देगी। साथ ये जिसका देती है जीवन सफल कर देती है।

नारी है नारी, देवी है नारी। इसका तुम सम्मान करो।