अंधेरों से निकल कर मैं कहाँ आगया। चला था अकेला इस सफर मैं। साथ सारा जहाँ आगया। डरता था मैं कभी रौशनी से। मेरी चमक से आज सारा जग चमचमा गया। साथ मेरे इस सफर मैं सारा जहाँ आगया।