ज़िन्दगी का सफर है बहुत ही कठिन।
सोचा था होगा ये सफर हसींन।
आगये हम कहाँ कांटों के दर्मियाँ।
ये तो बस चुभते हैं प्यार से इन्हें मतलब कहाँ।
सपने जो देखे थे टूट गए सारे वो।
कांटे हैं अब साथी चुभते हैं पल-पल पर वो।
कोशिश हमने की बहोत हाथ रहे फिरभी खाली।
अच्छे पल के इंतज़ार में सहते रहे कांटों की गाली।
ज़िन्दगी का सफर है बहुत ही कठिन।
सोचा था होगा ये सफर हसींन।
आगये हम कहाँ कांटों के दर्मियाँ।
ये तो बस चुभते हैं प्यार से इन्हें मतलब कहाँ।
कांटों को मतलब है बस हमे सताने से।
सताते वो हमें ऐसे हैं के सह पाए ना कह भी पाए।
खड़े हम यूँही रह जाएं पर उन्हें बता देंगे।
एक दिन उन्हें दिख देंगे।
सह-सह कर कांटों की गली।
हंसना सबको सिख देंगे।
दी है अगर ज़िन्दगी उसने इस ज़िन्दगी को सफल हम बनादेंगे।
ज़िन्दगी का सफर है बहुत ही कठिन।
सोचा था होगा ये सफर हसींन।
आगये हम कहाँ कांटों के दर्मियाँ।
ये तो बस चुभते हैं प्यार से इन्हें मतलब कहाँ।
मेहनत पर करते हैं यकीन।
मेहनत से खुशियां फैला देंगे।
रहा अगर कोई दुखी पास हमारे।
दुख उसका मिटा देंगे।
ज़िन्दगी का सफर है बहुत ही कठिन।
सोचा था होगा ये सफर हसींन।
आगये हम कहाँ कांटों के ददर्मियाँ।
ये तो बस चुभते हैं प्यार से इन्हें मतलब कहाँ।