राह में मिला जो साथ
सफर आसान हो गया
मदद से मिली थी मंजिल
पहुंचते ही अभिमान होगया
भूख में खिलाई रोटी,
कर्जे से आजाद कर गया
मतलब भर महान थे
काम होते ही अंजान हो गया
इतने कच्चे ईमान के लोग
ईमान की कसमें खाते हैं
हाथ जो सत्ता आई उसके
देखो बईमान हो गया
गाय के चोले में सियार है
कलयुग में रावण भी राम हो गया
बात जब अस्मत पर आई
लड़ने मरने को मासूम तैयार हो गया
लेखक:- अजय किशोर
मोबाइल न:- 9999191546
