1) आज फिर उसने मुझे सताया. हसते हुए चेहरे को उसने रुलया. सितम करने की अदा तो देखो. साथ वो निभा ना सके और हमें सितम्गर बुलाया.   2) पल्कों के किनारे हमने भिगोयी नही. वो सोचते है हम रोये नहीं. वो पूछते हैं ख्वाबोन में किसे देखते हो. और हम हैं के एक उमर से सोये ही नहीं.   3) शायद के हम कमज़ोर पड़ जाते उस आखरी मुलाकात के वक़्त. वो तो बारिश की मेहरबानी थी जो छुपाये आन्सू मेरे.   4) दिल की धड़कनो एक लम्हा सबर नही. शायद के उसको अब मेरी कदर नहीं. हर सफ़र में मेरे हमसफ़र थे वो. अब सफ़र तो है पर हमसफर नहीं.   5) खुदा ने दोस्त को दोस्त से मिलाया. दोस्तों के लिये दोस्ती का रिश्ता बनाया. पर कहते हैं दोस्ती रहेगी उसी की कयम जिसने दोस्ती को दिल से निभाया.