अक्सर खुशहाली अपना रास्ता बनाती है तभी तो अमीरों के घर का टूटा समान,  गरीबों के घर की रौनक कहलाती है। जो चीज़ हमारी आंखों में खलती है, गरीबों के लिए वो बहोत अहम हो जाती है। ना करो गुरुर इतना तुम अपनी अमीरी पर, पैसा तो बस नींद उड़ाता है, मेहनत हमेशा चैन से सुलाती है। जाने अनजाने तुम एक बार आजाना वादा है मेरा, न तुम भूलोगे गरीबों के दीवाने पन को, जाओगे जहां जोड़ोगे तुम इनसे, हर खुशी हर गम को। बड़े और साक्षर होने का यही पैमाना है, जरूरत मंद की मदद करो और गरीबों को आगे बढ़ना सीखना है।