समय की आहट जो ना पहचाने सहता दुख वो हर बार.
अंजाने में लोग समय से कर रहे खिलवाड.
खेल ये मेहन्गा पड़ जायेगा.
समय जो जिद्द पर अड़ जायेगा.
आता नहीं लौट कर फिर ये.
चाहे जितना याद करो.
मानो बात मेरी तुम भाई.
समय से ना खिलवाड़ करो.
समय बहुत बलवान हे भाई.
समय बहुत बलवान.
पहचानी जिसने समय की आहट.
राजा वो बन जाता है.
चाही जिसने देनी टक्कर समय की फिर वो खाता है.
समय बहुत बलवान है.
हमें नचाये कभी तुम्हें नचाये.
नाचो इसकी ताल पर तो जीवन सफल हो जाये.
करो जोरा जोरी तो समय बहुत तड़पाये.
समय बहुत बलवान है भाई.
समय बहुत बलवान.
(अजय किशोर )