संघर्षं से जन्मी कहानिओं मेंप्राधनता किरदार की नहींबेबाक हौसलो की होती हैजो डरती नही हारती नहींबस रचती है नये कीर्तिमानबिना इतिहास से बोझिल हुएसमय और समाज से बेपरवाहताकि आशाएं आजाद रहे सदा ।अजय झा **चन्द्रम्**
संघर्षं से जन्मी कहानिओं मेंप्राधनता किरदार की नहींबेबाक हौसलो की होती हैजो डरती नही हारती नहींबस रचती है नये कीर्तिमानबिना इतिहास से बोझिल हुएसमय और समाज से बेपरवाहताकि आशाएं आजाद रहे सदा ।
अजय झा **चन्द्रम्**