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आने वाली नस्लों को
हम क्या सौप कर जाएंगे
मानव विकास के नाम पर
बस अपना पाखंड दिखाऐंगे।


मीट्टी कहीं नही होगा
सब ईटों से पाटे जाएंगे
हरियाली के नाम पर
बस गमलों मे पेड़ लगाऐंगे।


हवा जो थी जीवनदायिनी
उसे जहरीली हम बुलाऐंगे
मुंह-मास्क बैग सिलीन्डर ले
ऑक्सीजन को चिल्लाएंगे।


बारिश होगी तब काली
खेतों का निशां नही होगा
नदी-तालो का नाम भुला
नालों का नाम

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