बनानी है गर तुझे पहचान तोअपनी जिद को जिंदा रखनाटूटें सपनें चाहे हजारों बारपर हार घुटने कभी ना टेकना ।अजय झा **चन्द्रम्**
बनानी है गर तुझे पहचान तोअपनी जिद को जिंदा रखनाटूटें सपनें चाहे हजारों बारपर हार घुटने कभी ना टेकना ।
अजय झा **चन्द्रम्**