गणतंत्र's image
राष्ट्रध्वज के तले, गणतंत्र की छांव में
आओ मिलकर चले, एकता की नांव में 
बैर की बेड़ियां, आज मिल के तोड़़ दें
प्रेम की कड़ियां, आओ फिर से जोड़ लें।

धरा और गगन में, चहूं ओर ये तान ह

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