वो नदी के पानी में नहाना
तैरे बिना किनारे लेट जाना
केले के तने से नांव बनाना
भैंसो को हांक नदी पार जाना

भीगे कपड़े में मस्त दौड़ जाना
बाग़ के रखवालो को चिढ़ाना
पंछीयों के बोल से ध्यान बंटाना
फिर सफाई से आम-लीची चुराना

तालाबों मे बंसी डाले गप्पे लड़ाना
कुछ मछलियां पकड़ धाक जमाना
मल्लाह देख उसके साथ हो जाना
उनके तरीकों पर बस लट्टू हो जाना

लु लगने पर घर मे कैद हो जाना
खिचड़ी खा-खा के पहर बिताना
उस दौरान गांव मे भोज हो गर तो
किलस किलस के हल्ला मचाना

अजय झा **चन्द्रम्**