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बे-आबरू इश्क ✨


बे आबरू हुए तेरी गली में हमऔर सारी जिल्लतों पर हंसते रहेपर भरोसा तेरे जाने पर यूं टूटाकी हमने दीवार-ए-दर्द खड़े किएऔर उकेर दिया उस पर तड़प करइश्क का अब यहां आना मना है ।अजय झा **चन्द्रम्**

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