मोहब्बत खतरे में है,इबादत खतरे में है

ज़ुल्म से लड़ने वालों की शहादत खतरे में है

  

सब्र खतरे में है, सख़ावत खतरे में है,

सच के लिए उठने वाली बग़ावत खतरे में है,


सुकूँ खतरे में है, अमन खतरे में है,

विविध रंगों से भरा चमन खतरे में है,


इज़हार खतरे में है, इंकार खतरे में है,

नफ़रत की आग से घिरे घर-बार खतरे में है,


रहम खतरे में है, सहारा खतरे में है,

सदियों पुराना भाईचारा खतरे में है,


उन्नति खतरे में है, विकास खतरे में है,

देश -हित में किया हर प्रयास खतरे में है,


गणतंत्र खतरे में है, स्वतंत्र खतरे में है,

जनता का चुना लोकतंत्र खतरे में है,


कल खतरे में है, आज खतरे में है,

हर एक सच्ची आवाज़ खतरे में है,


कभी कहते है हिन्दू तो कभी मुसलमां खतरे में है,

असल में इंसानियत और इंसा खतरे में है।


ऐजाज़ اعزاز