बंजारा देखा है कभी?

क्या झाँकी है उन अदनग्न हडिडयों से

कलेजा कभी?

क्या सुनी है उन कर्कश बोली से

चैन की गीत कभी?


बंजारा देखा है कभी?

क्या देखी है अदमरे जानों को

शुकुन टटोलते कभी?

मुस्कान बाँटते हुए, जलाशय मोती

क्या देखी है कभी?


बंजारा देखा है कभी?

देखा है, जान पर आटा मलते कभी?

पेट काटकर साँस जोड़ना

क्या देखा है कभी?


बंजारा देखा है कभी?....