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साथ।


रुखसत तो चाँद भी होता है,चंद पल ही सही।

खफा अगर हो जाए!तो सगा अंधकार भी नही।

दिल लगा लिया है उनसे कुछ चाँदनी की तरह,रुखसत तो होंगे पर खफा कभी नहीं।

— आदित्य खटाना
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