Poetry 1 min read 784.2K reads

प्यार।


सच्चा है मगर एक तरफ़ा है,मेरा प्यार खुदा सा सच्चा है।

आँखें उसकी कुछ कहती हैं,ना जाने मेरी ओर क्यों झुकती हैं!

खबर फेल गई है शहर में आग की तरह,अब आंँखों ही आंँखों में बातें होती हैं।

— आदित्य खटाना
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