श्याही कलम की हो या खून की होहम उससे पन्नो में ही लिखा करते है ।दर्द इक़्श का हो या फिर मौत काहम उसे दिल मे ही बया करते है ।लेखक आदर्श पाण्डेय
श्याही कलम की हो या खून की होहम उससे पन्नो में ही लिखा करते है ।दर्द इक़्श का हो या फिर मौत काहम उसे दिल मे ही बया करते है ।
लेखक आदर्श पाण्डेय