
कैसे भूल सकता हूँ रात चुपके से तेरा आना
तुम्हारा कोमल हाथों से मेरी पलके छुपाना,
फिर धीरे से मेरे कान पे तुम्हारा दस्तक देना।
कैसे भूल सकता हूँ रात तुम्हारा हाथ थाम
के खुले आकाश में घण्टों तारों को निहारना,
ढलती रात के साथ तुम्हारा मेरे क़रीब आना
कैसे
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