क्या लिखूं मैं उसके लिए की वो प्रीत है
मेरे होंठों से गुनगुनाता गीत है
वो मेरी साँसों में बहती हवा
या मेरी हार में मिलने वाली जीत है
वो फूलों में महकती ख़ुश्बू है
या धूप में मिली छाँव है
वो है मेरे शब्दों की प्रेरणा
या मुझ से निकलने वाला भाव है।
~ Akash Choudhary


