कोई सेक्युलर की टोपी पहने, कोई राष्ट्रवाद का टीका
राजनीति का खेल है भैया, रंग पड़े ना फीकाजोगीरा सा रा रा रा रा....
जनता की बोटी से देखो, चलती इनकी रोटी
कान पकड़कर इनके खींचों, पकड़ो इनकी चोटजोगीरा सा रा रा रा रा....
धूल झोंककर नीरव भागा, माल्या निकला नॉटी
देश से भागे गद्दार हैं, बात नहीं है छोटी
जोगीरा सा रा रा रा रा....
रात में जब है सेना जागे, देश तभी है सोता
मत करो अपमान वीरों, हर माँ का दिल है रोता
जोगीरा सा रा रा रा रा....
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, वीर जहाँ है आतेनमन तुझे ऐ ग्रामवासिनी, तेरे आगे हम शीश नवाते
जोगीरा सा रा रा रा रा....
मत करो ये खेल छद्म का, क्षण भंगुर है ये माया
कल यहाँ न तू रहेगा, न रहेगी तेरी काया
जोगीरा सा रा रा रा रा....
©️अच्युत अभिषेक (Achyut Abhishek)


