बिखरे तो इस कदर के बिखरते चले गएअपनों के फरेब पे भी पिघले चले गएकोशिशें तमाम की कि कुछ सम्भल के चलेंदुनिया के कालीन पे फिसलते चले गएबिखरे तो इस कदर के बिखरते चले गए